एक बचपन का ज़माना था,
खुशियों का खज़ाना था.,
चाहत चाँद को पाने की,
दिल तितली का दीवाना था.,
खबर ना थी कुछ सुबह की,
ना शामो का ठिकाना था.,
थक हार के आना स्कूल से,
पर खेलने भी जाना था.,
दादी की कहानी थी,
परियों का फ़साना था.,
बारिश में कागज़ की कश्ती थी,
हर मौसम सुहाना था.,
हर खेल में साथी थे,
हर रिश्ता निभाना था.,
गम की जुबान ना होती थी,
ना ज़ख्मो का पैमाना था.,
रोने की वजह ना थी,
ना हसने का बहाना था.,
अब ना रही वोह ज़िन्दगी,
ना रहा वोह अपनापन.,
जैसा बचपन का ज़माना था .,!!
" नदीम ...!!
खुशियों का खज़ाना था.,
चाहत चाँद को पाने की,
दिल तितली का दीवाना था.,
खबर ना थी कुछ सुबह की,
ना शामो का ठिकाना था.,
थक हार के आना स्कूल से,
पर खेलने भी जाना था.,
दादी की कहानी थी,
परियों का फ़साना था.,
बारिश में कागज़ की कश्ती थी,
हर मौसम सुहाना था.,
हर खेल में साथी थे,
हर रिश्ता निभाना था.,
गम की जुबान ना होती थी,
ना ज़ख्मो का पैमाना था.,
रोने की वजह ना थी,
ना हसने का बहाना था.,
अब ना रही वोह ज़िन्दगी,
ना रहा वोह अपनापन.,
जैसा बचपन का ज़माना था .,!!
" नदीम ...!!



