Friday, January 28, 2011

एक बचपन का ज़माना था !!


एक बचपन का ज़माना था,
खुशियों का खज़ाना था.,

चाहत चाँद को पाने की,
दिल तितली का दीवाना था.,

खबर ना थी कुछ सुबह की,
ना शामो का ठिकाना था.,

थक हार के आना स्कूल से,
पर खेलने भी जाना था.,

दादी की कहानी थी,
परियों का फ़साना था.,

बारिश में कागज़ की कश्ती थी,
हर मौसम सुहाना था.,

हर खेल में साथी थे,
हर रिश्ता निभाना था.,

गम की जुबान ना होती थी,
ना ज़ख्मो का पैमाना था.,

रोने की वजह ना थी,
ना हसने का बहाना था.,

अब ना रही वोह ज़िन्दगी,
ना रहा वोह अपनापन.,

जैसा बचपन का ज़माना था .,!!

" नदीम ...!!

Thursday, January 13, 2011

नहीं करते !!


मिला वोह भी नहीं करते,
मिला हम भी नहीं करते.,
वफ़ा वोह भी नहीं करते,
दगा हम भी नहीं करते.,
उन्हें रुसवाई का दुःख,
हमें तन्हाई का डर.,अभी
गिला वोह भी नहीं करते,
शिकवा हम भी नहीं करते.,
किसी मोड़ पर मुलाकात
हो जाती है अक्सर,
रुका वोह भी नहीं करते,
ठहरा हम भी नहीं करते.,
जब भी देखते हैं उन्हें,
सोचते हैं कुछ कहे उनसे,
सुना वोह भी नहीं करते,
कहा हम भी नहीं करते.,
लेकिन यह भी सच है ,
की., उन्हें भी है प्यार ...हमसे.,
इनकार वोह भी नहीं करते,
इजहार हम भी नहीं करते !!

अनजान ??